“कर्मणये वाधिकारस्ते मां फलेषु कदाचन । मां कर्मफलहेतुर्भू: मांते संङगोस्त्वकर्मणि” ।।

and that is all first,last.

That lasts.

 

when you see,

what you want see.

your steps are your roads.

there is always a look forward,

no going back.

 

you must be a ‘soldier.’

 

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स्वतंत्रता दिवस- एक और भिन्न आकाश, एक नव-उड़ान, एक नया अहसास

देश एक जज़्बात नहीं, एक ख्वाब है.

देश केवल एक आधार नहीं,
एक सक्षम स्वीकार है।

देश महज़ एक  ख्वाब नहीं ,
एक यथार्थ है।
देश  धड़कन है, देश एक आबाद ज़िन्दगी का संबल है ,
देश व्यक्तित्व का दर्पण है,
देश खुद  में एक व्यक्तित्व है।
आभास और नेतृत्व है।
शायद परिभाषा में बाँध पाना ‘देश’ को कठिन है।
स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में आप सब को इन्फिनिटी परिवार की ओर से शुभकामनाये।