प्रथम विश्व युद्ध-भारतीय लेबर कॉर्प्स 

क्या कभी हमने सोचा कि प्रथम विश्व युद्ध के चलते रोज़मर्रा के काम कैसे और कौन करता था? छोटे मोटे काम जैसे कहिये खाना बनाना , या फिर कपडे लत्ते…

प्रथम विश्व युद्ध -इंफिनिटी कम्युनिकेशंस ने जब किया लेज़र शो पर काम 

यह सब देखने में बहुत साधारण सा काम था,  संक्षिप्त  ब्रीफ पर काम ; कि आप प्लीज सब campaigns  तीन से पांच मिनट के शो में बेहतरीन और भावुक तरीके से एक लेज़र शो के…

सौंदर्य और सत्य से जुड़िये

आत्मिक हर्ष , खोज और जिज्ञासा ; सौंदर्य और सत्य बहुत ही विस्तृत और कलात्मक शब्द हैं।   शायद व्यक्तित्व या वस्तु के भीतर ही सब कुछ पाया जा  सकता है।   सौंदर्य , यथार्थ के…

रण के क्षेत्र में जीवन की कठोरता का भी मधुर अभिनन्दन – भारतीय जवान , एक प्रेरणा। World War One – Centenary Commemoration of the Faith, Trust, Sacrifice & Tradition of the Indian Soldier

अब ऐसे समय पर भी भारतीय जवान बहुत ही अनूठा महसूस करते थे -जैसे कि किसी नयी जगह को देख कर हो रही उत्सुकता, एक छोटे बच्चे की तरह का भोलापन। सब कुछ…

World War One-Centenary Commemoration of Faith, Sacrifice, Courage, Tradition of the Indian Soldier (Khaki is the trend & tradition)

आखिर किस तरह से खाकी, प्रथम विश्व युद्ध के दौरान वर्दी का पर्याय  बनी?  ऊपर की तस्वीर को देखने के बाद यह समझा  जा सकता है कि आखिर किस लिए…

World War One-Centenary Commemoration of Faith, Sacrifice, Bravery & Tradition of the Indian Soldier -क्या भारतीयों के पास युद्ध के मैदान पर उतरने के सिवा कोई अन्य विकल्प था ?

भारतीय जवानों का यूरोप पहुंचने पर पुरज़ोर स्वागत किया गया  Indians received a warm welcome in Europe on reaching to side with Britain & Allies  In any civilized society, war might be…